पहली पत्नी

पहली पत्नी
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“ कैसी होगी वह सुंदर या मेरे जैसी साधारण निखिल बाबू को छोड क्यूं चली गयी सुना है जीवित है फिर उसने ऐसा काहे किया तुम्ही बताओं काहे चली गयी वो सुबह पौ फटने से पहले ही ..का खराबी रही ई ससुराल में कौनो कमी तो नाही ऐसा काहे किया ..तुम्ही बताओ ननदियां तोहार भैया को छोड काहे चली गयी ..अब कहाँ है ओ का कौन पता बताये दे तो पूछेगे ओ से काहे छोड दिया बाबू को तोको कितना चाहे रहे ...जबसे हमे ब्याहे के आये है एक भी दिन हमसे हंस के नाही बोले चौबीस घन्टा हमऊ में कमी नजर आती है ऊ का जब हम से प्रेम था ही नही तो काहे हमसे ब्याह कर लिए हमको यहां घुटन लगती है ऐसा लगता है हम किसी और का कछ् छीन लिए है नाही ननदियां अब नाही रह सकत|
 हम यहाँ , तुम हमही को घर, समाज ईज्जत की दुहाई देते हो, हमई को सब समझात हो , हमार मायके वाले भी उ की बात सुने है | ऐसे घर में नही रहना हमें जहां हमारी कोई इज़्ज़त नही तुम उसी को वापस ले आओ , तुहार भैया की खातिर ऊ की पहली पत्नी …. को हम कभी पहली नही बन सकते चाहे हम कितनी भी कोशिश कर ले |”

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चित्र गुगल से साभार
सुनीता शर्मा खत्री
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