जिन्दगी के उतार चढाव में झांकने की एक कोशिश का नाम है जीवन धारा। बह रहे है इस धार में या मंझधार में कौन जाने?
Tuesday, May 29, 2012
Ganga ke Kareeb: तीर्थ नगरी की विवशता................!
Ganga ke Kareeb: तीर्थ नगरी की विवशता................!: जैसे -जैसे गर्मी से पारा बढता जा रहा है वैसे वैसे तीर्थ नगरी की मुशकिलें भी बढती जा रही है । भीषण गरमी के कारण बीमारियां तो अपने पाव पैसार ...
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Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
life's stories
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जो नही है साथ ,भारतीय सिनेमा का सदाबहार अभिनेता देवआन्नद जिन्होने बरसों तक आम जनमानस के दिलों पर राज किया । उनकी मृत्यु से सभी को धक्का सा ल...
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तुम्हारे लिए **************** 'गुडिया की मम्मी, जल्दी आओ... सारी की सारी चली गयी एक तुम्ही हो जो हमेशा देर करती हो '...जाने दो ...
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बेरहम है जिन्दगी तू हरदम नया रंग दिखाती है तोड देती है है सपनों को फिर नया ख्वाब दिखाती है। बेदहम है जिन्दगी तू मौत का समान बेचती है ...
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खंडहर...... मैं उसकी बाते सुन सुन कर थक चुका था रोज की वही किट किट... हे भगवान अब तुम ही मेरी कुछ मदद करो सारी गलती तो मेरी ही है मै ह...
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डायन ******* जब से पडोस में आयी .....एक एक कर सबकों निगले जा रही है डायन .....!!!! उसकी चमकती आँखों में एक अजीब से प्यास दिखती थी बाल ...
