जीवन चलता कभी न रुकता
रूकता तो मंझधार है
जीवन पानी सरिता का
बहना जिसके ध्येय है ,
अन्तहीन सफर ,कभी अन्धेरे
कभी गतिहीनता है, यह सफर
बडा अनोखा यहां हार जीत का सवाल है
चलते चलते सोचे जरा
यह कौन सा पडाव है
रूक जाये, जब समय भी
टिक- टिक क्या कहती घडी
अपने परायो के फेरों में उलझे रहते है हम।
जो दे जख्मों को उनसे खुशियों
की तमन्ना कैसे हो ।
जीवन फिर भी चलता
गम चाहे , खुशी हो
यह सफर तो कटना है
जीवन चलता कभी न रूकता
रूकता तो मझधार है..................
जिन्दगी के उतार चढाव में झांकने की एक कोशिश का नाम है जीवन धारा। बह रहे है इस धार में या मंझधार में कौन जाने?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
life's stories
-
जीवन चलता कभी न रुकता रूकता तो मंझधार है जीवन पानी सरिता का बहना जिसके ध्येय है , अन्तहीन सफर ,कभी अन्धेरे कभी गतिहीनता है, यह सफर बड...
-
Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
-
बुधवार को बागेशवर के कपकोट के सुमगढ में सरस्वती शिशु मंदिर में बादल फटने के कारण स्कूल के मलबे मे 18 मासूमों की जाने चली गयी टी.वी चैनलों म...
जीवन फिर भी चलता
ReplyDeleteगम चाहे , खुशी हो
यह सफर तो कटना है
जीवन चलता कभी न रूकता
रूकता तो मझधार है..................
..Jeewan mein rawanagi nahi to wah bojhil ho jaati hai..
preak prastuti...
Deep parv kee haardik shubhkamnayne
सही है जीवन निरंतर चलने का नाम है ..
ReplyDeleteरूकता तो मझधार है.....
ReplyDeleteसुन्दर रचना
आप सभी का शुक्रिया आपने अपना समय दिया ।
ReplyDeleteखूबसूरत रचना और अनुपम भाव...बधाई.
ReplyDelete_________________
'शब्द-शिखर' पर पढ़िए भारत की प्रथम महिला बैरिस्टर के बारे में...
nice
ReplyDelete