जिन्दगी के उतार चढाव में झांकने की एक कोशिश का नाम है जीवन धारा। बह रहे है इस धार में या मंझधार में कौन जाने?
Tuesday, May 29, 2012
Ganga ke Kareeb: तीर्थ नगरी की विवशता................!
Ganga ke Kareeb: तीर्थ नगरी की विवशता................!: जैसे -जैसे गर्मी से पारा बढता जा रहा है वैसे वैसे तीर्थ नगरी की मुशकिलें भी बढती जा रही है । भीषण गरमी के कारण बीमारियां तो अपने पाव पैसार ...
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Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
life's stories
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मम्मा, सारी, मै आपके लिए कुछ नही ला पायी मैने सोचा मै आपको आपको एक नैकलैस गिफट करू । पापा क्या आप मेरी मम्मा के लिए नेकलैस ला देगे? मै कैसे ...
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बुधवार को बागेशवर के कपकोट के सुमगढ में सरस्वती शिशु मंदिर में बादल फटने के कारण स्कूल के मलबे मे 18 मासूमों की जाने चली गयी टी.वी चैनलों म...
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मां.......................! एक सुखद अहसास है मां का शब्द गहरी पीडा में मुक्ति का बोध थकान में आराम जन्नत है उसकी गोद हर शब्द कम ...
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जीवन चलता कभी न रुकता रूकता तो मंझधार है जीवन पानी सरिता का बहना जिसके ध्येय है , अन्तहीन सफर ,कभी अन्धेरे कभी गतिहीनता है, यह सफर बड...
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जीवन जीने के लिए क्यों बहाने खोजता है इन्सान ? बिना किसी मकसद के जीवन क्या जीवन रह जाता है जब कोई मकसद नही रहता वह मायूसी में खो जाता है इन्...