Tuesday, January 23, 2018

कमाई-2

"मुठ्ठी में रखे नोट उसने रसोईघर में आटा गुंधती पत्नी के ऊपर फेक दिए ,  " ले पकड आज दिन भर बस इतनी ही कमाई हुई | "
" यह क्या मेरे ऊपर क्यों फेक रहे हो जितनी भी हुई संभाल लो , " ऐसे लक्ष्मी  का अनादर नही करते भगवान ने चाहा तो अच्छे दिन भी आयेगे..."
" हमारे कभी अच्छे दिन नही आयेगे सुना तूने |"
पति ने झल्लाते हुए अपनी भडास निकाली ,
"कुछ और काम करना होगा इस दुकान की कमाई से घर का खर्च भी नही ढंग से चलता |"
फटाफट रसोई का काम खत्म कर पति के पास आकर बैठी   
नन्दिनी प्यार से बोली इस तरह गुस्सा करने से क्या फायदा  फेंके नोट नन्दिनी ने संभाले और वापस उसके हाथ में थमा दिए , मै तुम्हारा हाथ बटाऊं काम में ? घर का काम खत्म कर मै भी दुकान पर आ जाऊंगी |
तुम्हारी मदद हो जायेगी |"
"तुम्हे दुकान पर आने की जरूरत नही तुम घर के काम ही करों " !
रमेश को बहुत गुस्सा आ रहा था दिन दुकान में बैठे बैठे उसकी कमर अकडा गयी थी , उस पर दो चार ग्राहक ही आने से   आमदनी लगातार कम हो रही थी , उसकी समझ में ही नही आ रहा था क्या करे |
अगले दिन नन्दिनी खाना देने के बहाने रमेश की दुकान पर जा पंहुची वहां वो नदारद था | कस्टमर देख रहे थे  खडे हुए दुकान तो खुली थी पर मालिक गायब !!
नन्दिनी ने सभी को समान दिया तब तक रमेश भी आ गया ,
" तुम कहां थे कस्टमर खडे थे मुझे जरूरी कार्य से जाना पडा  यही बाजार में , अच्छा हुआ तुम आ गयी "
" देखो कितना समान बिक गया यह देखो कमाई |"
रमेश अवाक था नन्दिनी ने दुकान पर पैर रखते ही  सारा काम कर दिया जब मै दूसरे काम में था |
रमेश मुस्कुरा कर बोला अच्छा जी तो फिर ठीक है लक्ष्मी
जी ,  कल से तुम भी घर के काम  जल्दी खत्म कर मेरे साथ ही आ जाना  |
"दोनो मिलकर काम करेगे तो कमाई भी बढेगी |"
नन्दिनी हंसने लगी बोली , " देर से ही सही मेरी बात तो मानी "|
दोनो की खिलखिलाहट वातावरण में महक उठी |
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सुनीता शर्मा खत्री
  © 
Pics frm Google

आखिर क्यों ??

****************** " क्या माँगती हो भगवान से पूजा पाठ कर ! " पूजा गृह से वापस लौटी सन्जना पर तंज कसता हुआ नवीन मुँह टेढा कर मुस...

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