जिन्दगी के उतार चढाव में झांकने की एक कोशिश का नाम है जीवन धारा। बह रहे है इस धार में या मंझधार में कौन जाने?
Sunday, December 2, 2012
Ganga ke Kareeb: श्रद्वालुओ की सिद्वियों का केन्द्र भैरव मंदिर .......
Ganga ke Kareeb: श्रद्वालुओ की सिद्वियों का केन्द्र भैरव मंदिर .......: शिव की अनेक अशांत मुर्तिया उस वर्ग की है ,जो उनसे संबद्व किसी पौराणिक कथा का चित्रण नही करती अथवा उसमें कथा तत्व अस्पष्ट होता है । इसी तथ...
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
life's stories
-
मम्मा, सारी, मै आपके लिए कुछ नही ला पायी मैने सोचा मै आपको आपको एक नैकलैस गिफट करू । पापा क्या आप मेरी मम्मा के लिए नेकलैस ला देगे? मै कैसे ...
-
बुधवार को बागेशवर के कपकोट के सुमगढ में सरस्वती शिशु मंदिर में बादल फटने के कारण स्कूल के मलबे मे 18 मासूमों की जाने चली गयी टी.वी चैनलों म...
-
मां.......................! एक सुखद अहसास है मां का शब्द गहरी पीडा में मुक्ति का बोध थकान में आराम जन्नत है उसकी गोद हर शब्द कम ...
-
जीवन चलता कभी न रुकता रूकता तो मंझधार है जीवन पानी सरिता का बहना जिसके ध्येय है , अन्तहीन सफर ,कभी अन्धेरे कभी गतिहीनता है, यह सफर बड...
-
जीवन जीने के लिए क्यों बहाने खोजता है इन्सान ? बिना किसी मकसद के जीवन क्या जीवन रह जाता है जब कोई मकसद नही रहता वह मायूसी में खो जाता है इन्...

No comments:
Post a Comment