Emotion's: कौन हो तुम...........?
सफर में चलते चलते...........read more on emotion's
जिन्दगी के उतार चढाव में झांकने की एक कोशिश का नाम है जीवन धारा। बह रहे है इस धार में या मंझधार में कौन जाने?
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Sunita Sharma Khatri : कितनी ही कहानियां हमारे जीवन के चँहु ओर बिखरी रहती हैं कुछ भुला दी जाती है कुछ लिखी जाती हैं. हर दिन सवेरा होता है, ...
life's stories
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तुम्हारे लिए **************** 'गुडिया की मम्मी, जल्दी आओ... सारी की सारी चली गयी एक तुम्ही हो जो हमेशा देर करती हो '...जाने दो ...
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जीवन चलता कभी न रुकता रूकता तो मंझधार है जीवन पानी सरिता का बहना जिसके ध्येय है , अन्तहीन सफर ,कभी अन्धेरे कभी गतिहीनता है, यह सफर बड...
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यौन अपराध :Jagran Junction Forum छोटी मासूम बच्चियों के साथ होने वाले यौन अपराधों के पीछे आधुनिक महिलाओ को दोष देना औचित्यपूर्ण नही ह...
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जिन्दगी से कितना दूर भागोगे यह हर नया रूप धरती है तुम हो जाते हो अंचभित कभी कभी डरते हो कभी डटते हो कभी जिद करते हो चाहोगे जिस दिन ...
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